गुणकारी मूली के रोचक फायदे | Benefits of Radish

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“मूली” अंग्रेजी शब्द रेडिश – Radish का हिंदी नाम है और काफी हद तक यह नाम उसके तेज स्वाद से मेल भी खाता है। भले ही कुछ लोग मूली को सलाद के साथ खाना पसंद नही करते हो लेकिन इससे होने वाले स्वस्थलाभ निश्चित रूप से आपको आकर्षित करेंगे। गोभी की ही तरह मूली का भी अपना एक अलग स्वाद है और इससे होने वाले फायदे भी काफी रोचक है।

मूली से होने वाले फायदे – Benefits of Radish

Radish

यह जडिय सब्जी कई बार रंग, रूप और आकार में अलग-अलग भी होती है। मूली काली, सफ़ेद या फिर बैगनी रंग की हो सकती है और साथ ही यह लंबी एवं गोलकार भी होती है। लेकिन ये सारी बाते इससे होने वाले स्वास्थ लाभ को कभी प्रभावित नही करती। मूली के सभी प्रकार समान रूप से स्वास्थ के लिए लाभदायक ही होते है।

मूली के बारे में एक और अच्छी बात यह भी है की इस सभी के सभी भाग उपयोगी और लाभदायक होते है। आप इसके बीजो और पत्तियों का उपयोग भी कर सकते हो।

मुहाँसे:

मुहाँसो के समय यदि मूली का ज्यूस चेहरे पर लगाया जाए तो यह प्राकृतिक रूप से काफी लाभदायक होता है। इसके साथ-साथ जब आप दैनिक रूप से इसका सेवन करते हो तो यह आपको चेहरे के दागो से भी बचाता है।

जौंडिस (पीलिया):

किडनी और पेट के लिए मूली बहुत लाभदायक है और यह शक्तिशाली डिटोक्सीफायर की तरह भी काम करती है। इसका मतलब यह खून को साफ़ करने और शरीर से हानिकारक और विषैले पदार्थो को बाहर निकालने में सहायक है। पीलिया के इलाज में यह काफी प्रभावशाली साबित हो सकती है क्योकि यह बिलीरुबिन को निकाल देता है और इसके उत्पादन को स्थायी रूप से बढ़ने देता है। साथ ही यह लाल रक्त कोशिकाओ के रास्ते में बाधा बनने वाले तत्वों को भी कम कर देता है और पीलिया से पीड़ित मरीज के शरीर में ताजा ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढाता है। पीलिया के उपचार में काली मूली काफी प्रभावशाली और असरदार मानी जाती है और मूली की पत्तियाँ भी पीलिया का उपचार करने में सहायक है।

डायबिटीज में सहायक:

मूली जडिय सब्जी वाले परिवार से संबंध रखती है। मै जानता हूँ की इस बात पर भरोसा करना बहुत मुश्किल है लेकिन लेकिन आपको मानना होंगा की मूली में डायबिटीज को कम करने के भी गुण पाए जाते है। दूसरी जडिय सब्जियों की तरह मूली में कम मात्रा में कार्बोहायड्रेट और ज्यादा मात्रा में एंटीओक्सिडेंट और फाइबर पाया जाता है। डायबिटिक चूहों पर इससे संबंधित रिसर्च एवं अभ्यास भी किया गया था। जिसमे खोजकर्ताओ ने पाया की मूली की अंकुरित जड़ो में शक्कर को कम करने के गुण पाए जाते है। जबकि इंसानों के मामले में इसपर और थोडा ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है। मूली को डायबिटिक आहार माने जाने का एक और कारण यह भी है की, मुलिमे ग्लाईसेमिक सूचि काफी कम मात्रा में पाई जाती है और इससे हमारे खून में शक्कर की मात्रा नही बढती। इसीलिये मूली को डायबिटीज से ग्रसित मरीजो के लिए एक प्रभावशाली सलाद माना जाता है।

बवासीर:

मूली को एक प्रकार का चारा भी माना जाता है, इसका मतलब यह होता है की यह अपचनीय कार्बोहायड्रेट से बना हुआ है। इससे पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है, शरीर में पानी की कमी नही होती और यह कब्ज की समस्या को भी दूर करता है, जो बवासीर का मुख्य कारण होती है। एक अच्छा डीटोक्सीफायर होने के साथ-साथ यह बवासीर के लक्षणों को भी जल्दी से पहचानकर उन्हें ठीक कर देता है। साथ ही इसका ज्यूस पाचन और उत्सर्जन तंत्र को शांत रखता है।

सोने में परेशानी:

मूली में पाए जाने वाले शामक गुणों को हम ग्रीक और रोमन समय से जानते आ रहे है, उस समय में मूली का उपयोग लोगो को सुलाने के लिये किया जाता था। सोने से पहले एक गिलास मूली का ज्यूस पिने से आपकी नींद ना आने की समस्या हमेशा के लिए दूर हो सकती है।

वजन कम करने में सहायक:

क्या आप भी यही सोच रहे है की, मूली वजन कम करने में कैसे सहायक है? आइये हम आपको बताते है, मूली में ज्यादा मात्रा में पानी पाया जाता है और अपचनीय कार्बोहायड्रेट का प्रमाण काफी होता है, जो हमारे स्वास्थ के लिये बहुत लाभदायक होता है। मूली के सेवन से हम अतिरिक्त कैलोरी के सेवन से बच सकते है और इससे शरीर में ज्यादा वसा नही होंगा।

मूली त्वचा के स्वास्थ को बढाती है:

इस बात को बहुत कम लोग ही जानते है लेकिन मूली असल में आपकी त्वचा के स्वास्थ को बढ़ाने में मददगार साबित हुई है। इसमें पाया जाने वाले पानी आपकी त्वचा को हाइड्रेट करने में सहायक है, जिससे आपकी त्वचा ताजा और स्वस्थ दिखने लगती है। इसमें पाए जाने वाले एंटीओक्सिडेंट त्वचा से मुक्त रेडिकल्स और विषैले पदार्थो को बाहर निकाल फेकते है, जिससे हमारी त्वचा मुलायम और साफ़ बन जाती है। साथ मूली का त्वचा पर विरंजन प्रभाव भी पड़ता है। आप पीसी हुई मूली को अपनी त्वचा पर भी लगा सकते हो। साथ ही इसका उपयोग पेडीक्योर या मैनीक्योर के रूप में भी किया जा सकता है। जितनी ज्यादा मात्रा में आप मूली का सेवन करोगे उतनी ज्यादा आपकी त्वचा स्वस्थ, कोमल और साफ़ रहेगी।

निर्जलीकरण:

मूली में ज्यादातर पानी का समावेश होता है और शरीर को हाइड्रेट रखने का यह सबसे अच्छा तरीका है, वैसे भी मूली आपके स्वास्थ के लिए बहुत लाभदायक है। हाइड्रेट रखने का सबसे मुख्य भाग यही है की आपके पाचन तंत्र में पर्याप्त मात्रा में पानी हो। हाइड्रेट रहने से आप कब्ज की समस्या से भी दूर रहते हो और इससे आपका पाचन तंत्र भी सुचारू रूप से काम करने लगेगा और जो खाना हम खाते उसे उससे हमें सही मात्रा में न्यूट्रीशन भी मिलने लगेंगे।

बुखार:

मूली हमारे शरीर के तामपान को कम करने में सहायक है और साथ यह बुखार से भी निजात दिलाती है। काले नमक के साथ मूली के ज्यूस का सेवन करने से यह बुखार के समय औषधि का काम करने लगता है और बुखार के समय शरीर के दुसरे अंगो में होने वाले इन्फेक्शन से हमें बचाता है।

अस्थमा के मरीजो के लिये लाभदायक:

मूली में एंटी कॉन्जेस्टीव तत्व पाए जाते है जो इसे अस्थमा के मरीजो के लिए काफी हद तक लाभदायक बनाते है। साथ ही यह श्वसन तंत्र में होने वाली एलर्जी से भी लढती है और शरीर में होने वाले इन्फेक्शन से हमें बचाती है।

कैंसर:

जबसे मूली डीटोक्सीफायर बना है और जबसे पाया गया की मूली विटामिन C एवं फोलिक अजिसे तत्वों से समृद्ध है, तबसे देखा गया है की यह काफी तरफ के कैंसर को ठीक करने में सहायक है। मूली के रोजाना सेवन ने हमारे शरीर में पेट, किडनी, आंतो और मौखिक कैंसर के होने का खतरा बहुत कम हो जाता है। मूली, ब्रेसिका परिवार का ही एक भाग है और दूसरी जडिय सब्जियों की तरह ही मूली भी एंटीओक्सिडेंट से भरपूर है। मूली में पाए जाने वाले तत्व हमारे शरीर में कैंसर की हानिकारक कोशिकाओ को बढ़ने से रोकते है। मूली हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओ के निर्माण को प्रोत्साहित भी करती है।

सर्दी और खासी से निजात दिलाती है:

यदि आपको लगातार सर्दी और खासी होते ही रहती है, तो आपको निश्चित रूप से मूली को अपने आहार में शामिल कर ही लेना चाहिये। इस सब्जी में वो सभी एंटी-ओक्सिडेंट पाए जाते है जो आपके गले को साफ़ रखने में सहायक होते है। साथ ही मूली आपके प्रतिरक्षा तंत्र को शक्तियों को भी बढाती है और हमें सर्दी और खासी की समस्या से निजात दिलाती है।

ब्लड प्रेशर:

मूली पोटेशियम का सर्वोत्तम स्त्रोत है, जिससे हमें अनगिनत स्वास्थ लाभ होते है। पोटेशियम सकारात्मक रूप से हमारे शरीर से जुड़कर ब्लड प्रेशर के प्रमाण को कम करता है क्योकि यह वैस्कुलर बेड्स की आपूर्ति को नियंत्रित करता है और रक्त प्रवाह की गति को भी संतुलित रखता है। यह रक्त प्रवाह की गति को नियंत्रित कर ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायक है।

दुसरे लाभ:

उपर दिए गये लाभों के साथ साथ मूली से और भी बहुत से दुसरे लाभ होते है। मूली क्षुधावर्धक, मुँह और साँसों की ताजगी, रेचक और चयापचय को नियंत्रित करने में भी सहायक है। जो लोग रोजाना मूली का सेवन करने है उनमे हमें एसिडिटी, कब्ज, गले में खराश, जी मचलना, कफ, पेट की बीमारी, पथरी और अपच जैसी बीमारियाँ नही देखने मिलती।

सावधानी:

मूली का ज्यूस पीते समय हमेशा सावधानी बरते क्योकि इसका स्वाद कभी-कभी काफी तीखा और कडवा होता है, जो आपके लिए हानिकारक भी हो सकता है।

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Please Note :- मूली – Radish के लिए दी गयी जानकारी को हमने हमारे हिसाब से बताया है.

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