कड़वे नीम के स्वास्थवर्धक फायदे | Benefits Of Neem In Hindi

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नीम के महत्त्व  को हम सभी जानते है, साधारणतः पेड़ो की दुनिया में हम नीम के पेड़ से भली-भांति परिचित है | नीम के पेड़ बड़ी तेज़ी से बढ़ते है और उनकी शाखाये भी काफी फैली हुई होती है, जिन्हें वे जल्द ही सूखे में गिरा देते है ताकि पूरा पेड़ सुरक्षित रह सके। उनका यह गुण / Benefits Of Neem उन्हें प्रकृति के प्रति लचीला बनाता है। नीम के पेड़ के फुल काफी सुगंधित और सफ़ेद रंग के होते है, जबकि नीम के पेड़ के फल में मीठे-कडवे का स्वाद होता है।

कड़वे नीम के स्वास्थवर्धक फायदे / Benefits Of Neem In Hindi
Benefits Of Neem

नीम की पत्तियाँ स्वास्थ के लिये बहुत लाभदायक होती है जिनका उपयोग बहुत से कामो के लिये किया जाता है। नीम की पत्तियों से निकालने वाले तेल को निकाला जाता है और फिर उसका उपयोग बहुत से औषधीय कामो के लिये किया जाता है, जबकि नीम की सुखी पत्तियों का उपयोग जडीबुटी की तरह भी किया जाता है। भारत के बहुत से भागो में नीम की पत्तियों का उपयोग पाक बनाने के लिये भी किया जाता है। चाय से लेकर त्वचा की सुंदरता तक के लिये नीम से बनी जडीबुटी का उपयोग किया जाता है, भारतीय संस्कृति में नीम के पेड़ को एक महत्वपूर्ण और पवित्र पेड़ो में एक माना जाता है। आइये नीम से होने वाले फायदों के बारे में जानते है

आयुर्वेद में नीम का उपयोग अक्सर पित्त और कफ को दूर करने या कम करने के लिये किया जाता है। इसके ठण्डे, हल्के और सूखे गुण हमें स्वस्थ रखते है। इसके साथ ही नीम का उपयोग बहुत सी जडीबुटी के मिश्रण के साथ भी किया जाता है। नीम के फसल स्वाद में थोड़े कडवे जरुर होते है, लेकिन अंदर से ये हमें एक अद्भुत शीतलता प्रदान करते है। नीम के फल खून को भी स्वस्थ रखने में उपयोगी है, नीम हमारे शरीर के पित्त को नियंत्रित रखता है, विशेषतः जब रक्त धातु की समस्या हो तब नीम बड़े ही प्रभावशाली तरीके से पित्त को नियंत्रित करता है। ज्यादातर पित्त का निर्माण कयी तरह से होता है, जिसका एक मुख्य स्थान त्वचा होती है। इसके साथ ही नीम के गुदे और तेल का उपयोग अक्सर चेहरे को मुलायम और स्वस्थ बनाने के लिये किया जाता है, अक्सर नीम के तेल को चेहरे पर भी लगाया जाता है। चेहरे की उष्णता को कम करने के लिये भी नीम के तेल या फलो के गुदे का उपयोग किया जाता है। इससे हमारे शरीर का तामपान नियंत्रित रहता है।

नीम की पत्तियाँ और उसके गुण कफ कम करने में भी सहायक है। नीम पाचन तंत्र को सही रूप से चलने में भी सहायता करता है, और चयापचय की क्रिया को विकसित और स्वस्थ रखने में सहायक है और नीम खून में शुगर के प्रमाण को नियंत्रित रखकर हमें डायबिटीज होने के खतरे से बचाता है। इसके साथ ही किडनी, अग्नाशय और पाचन तंत्र को सही रूप से चलाने में नीम उपयोगी है। प्राण वह स्रोत के समय पित्त और कफ को संतुलित रखने में नीम सहायक है। इसके साथ ही समय-समय पर नीम का सेवन करने से यह पुरे शरीर को अंदर से साफ़ कर देता है और शरीर के सब ही तंत्रों को सही रूप से चलाकर शरीर को स्वस्थ रखता है।
आइये नीम और दूसरी जडीबुटी के संयोग से होने वाले फायदों के बारे में जानते है –

• पैरा शुद्धिकरण –
प्राकृतिक जडीबुटी जैसे विदंगा, पिप्पली, अदरक और कुटाजा के साथ नीम को मिलाकर लेने से हमारा प्रतिरक्षा तंत्र सुचारू रूप से काम कर पाता है और आतंरिक शरीर स्वस्थ रहता है।
• रक्त शुद्धिकरण –
नीम के पेड़ को मंजिस्था, हल्दी और गुडूची के साथ मिलाकर लेने से खून साफ़ होता है और त्वचा भी स्वस्थ रहती है।
• मीठा आराम –
नीम को पारंपरिक जड़ी-बूटी जैसे हल्दी, शर्दुनिका और आमलकी के साथ मिलाकर लेने से अग्नाशय और कफ संबंधी समस्याओ से राहत मिलती है और ब्लड शुगर का स्तर भी संतुलित रहता है।

आतंरिक उपयोग –
आयुर्वेद में भी हमें नीम के पाउडर का उपयोग करने को कहा गया है क्योकि नीम में पाये जाने वाले लाभदायक गुण हमारे पाचन तंत्र और प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाकर स्वस्थ रखते है। नीम के पाउडर को हम एकसाथ भी बड़ी मात्रा में खरीद सकते है इससे हमारा आर्थिक फायदा भी हो सकता है। नीम के उपयोग से हम 100% आर्गेनिक टेबलेट बना सकते है, और विशेषतः जब कभी भी हम कही किसी लंबी यात्रा पर जा रहे हो तब हमें नीम पाउडर या फिर नीम की टेबलेट को अपने साथ जरुर रखना चाहिये। नीम का स्वाद थोडा कड़वा जरुर होता है लेकिन दूसरी जड़ी बूटियों की तुलना में नीम ज्यादा लाभदायक है।

बाहरी तरीको से नीम का उपयोग –
• नीम के बीज का तेल –
नीम के बीज में लगभग 50% तेल होता है। नीम के बीज से ही हम शुद्ध नीम तेल निकाल सकते है। पारंपरिक तरीको से नीम के बीजो में से तेल निकाला जाता है और उसका उपयोग किया जाता है।
• नीम की पत्तियों का पेस्ट –
नीम की पत्तियों के पाउडर में थोडा सा पानी मिलाकर एक पेस्ट बनाये – ध्यान रहे की पेस्ट ज्यादा पतला नही होना चाहिये। इस पेस्ट को हम प्रभावित त्वचा या टिश्यू पर लगा सकते है। लगाने के बाद कम से कम 20 मिनट एक जगह पर बैठ जाये, जबतक की लगाया हुआ पेस्ट सुख ना जाये। बाद में त्वचा को धो लीजिये।
• नीम का तेल –
पारंपरिक रूप से नीम की पत्तियों का तेल बनाने की यह सरल विधि है। लेकिन तेल बनाने की बजाये आप आसानी से इसे बाजार से खरीद सकते है। निचे बताया गया है की तेल का उपयोग कैसे किया जाना चाहिये। बरगद नीम तेल एक पारंपरिक तरीको से उपयोग किया जाने वाला तेल है। इस तेल को आप सीधे त्वचा, बाल, नाख़ून, दाँतो और मसुडो पर लगा सकते है।

यहाँ निचे कुछ और उपाय दिये गए है जिनका उपयोग कर आप नीम से होने वाले फायदों का अनुभव ले सकते है –

मौखिक स्वच्छता के लिये –
• स्वस्थ दाँतो और मसुडो के लिये नीम तेल का ही उपयोग करे। दाँतो और मसुडो को नीम का तेल लगाये।
• नीम तेल या नीम के पेस्ट को सीधे प्रभावित दाँत या मसूड़े पर लगाये।
स्वस्थ त्वचा, नाख़ून, बाल और खोपड़ी के लिये –
• नीम तेल को आप सीधे प्रभावित त्वचा, नाख़ून पर लगा सकते है या फिर लगाकर उसे किसी मुलायम कपडे से ढँक भी सकते है लेकिन ध्यान रहे की लगाने के बाद उसे हवा लगनी चाहिये।
• नीम तेल की मसाज सीधे अपने बालो की जड़ और खोपड़ी में करे, हो सके तो मसाज नहाने के लगभग 60 मिनट पहले करनी चाहिये, मसाज करने के कुछ बाद आप नहा सकते है।

नीम शरीर के लिये बहुत फायदेमंद है। नीम जोड़ो में दर्द, प्रतिरक्षा तंत्र और स्वस्थ पाचन तंत्र के लिये भी उपयोगी है। नीम हमारे शरीर के तापमान को भी संतुलित रखता है, नीम हमारे खून में शुगर के तापमान को भी नियंत्रित रखता है और किडनी को भी स्वस्थ रखता है।

नीम के दुष्परिणाम –

नीम एक शक्तिशाली जड़ी-बूटी है लेकिन इसका उपयोग हमें सोच समझकर करना चाहिये। कई बार ज्यादा मात्रा में नीम का सेवन करने से उल्टी, लूज़ मोशन और ज्यादा भूक लगने जैसी समस्याए हो सकती है।
इस बात को नजरंदाज़ नही किया जा सकता की नीम ब्लड शुगर की मात्रा को कम करने में सहायक है लेकिन कयी बार इसका ज्यादा मात्रा में सेवन करने से हानि भी हो सकती है।
नीम का उपयोग औषधीय रूप में करने से पहले एक बार अपने स्वास्थ सलाहकार और डॉक्टर से सलाह अवश्य ले लीजिये।

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2 COMMENTS

  1. neem की पत्तिया कड़वी जरुर हैं लेकिन उतनी ही वो स्वास्थ के लिये लाभदायक हैं. पुराने लोग neem की लकड़ी का उपयोग दात साफ करने लिये किया करते थे. आपने neem के फ़ायदे बताकर हमारे knowledge और बढ़ा दिया.

  2. Aapne Benefits Of Neem bahut achhe achhe bataye he. Ham sabh neem ke pedh ko janate he lekin unke phayade bahut kam malum he. Aapne neem ke phayade batakar bahut achha kiya. Hame unse bahut madat mili.

    Thanku

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