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उद्घीत प्राणायाम | Udgeeth Pranayam

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बाबा रामदेव योगा / Baba Ramdev Yoga में अलग-अलग योग अवस्थाएं और विधि होती है जो अच्छी सेहत और शरीर को तंदरुस्त करने के लिए सहायक होती है। उसमे सें एक हैं उद्घीत प्राणायाम, ये प्राणायाम “ओमकारी जप” के नाम से भी जाना जाता है अर्थात जिसमे ॐ का जप हो| उद्घीत प्राणायाम / Udgeeth Pranayam एक आसान श्वास संबंधी व्यायाम या कसरत है| दुसरे प्राणायामो / Pranayam की तरह ही इसे भी रोज़ करना चाहिये.

उद्घीत प्राणायाम / Udgeeth Pranayam
Udgeeth pranayam

उद्घीत प्राणायाम करनेकी स्टेप्स / Benefits Of Udgeeth Pranayam –

आरामदायक अवस्था में बैठ जाए|

इस प्राणायाम में श्वास लेने और छोड़ने का समय ज्यादा होता है|

सबसे पहले गहरी श्वास ले और छोड़ते समय ॐ का उच्चार करे, जितने लंबे समय तक आप साँस लेकर छोड़ सकते हो उतने समय तक ॐ का उच्चार करते हुए श्वास छोड़े|

सभी प्राणायामो में श्वास महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है| इसीलिये प्राणायाम करते समय श्वास पर ध्यान केन्द्रित करना बहोत जरुरी है और प्राणायाम करते समय दिमाग में हमेशा सकारात्मक विचार ही रखे| श्वास लेते समय सकारात्मक विचारो को अन्दर ले और श्वास छोड़ते समय नकारात्मक विचारो को बाहर छोड़े|

5 से 10 मिनट तक इस प्रक्रिया को दोहराए.

उद्घीत प्राणायाम के फायदे / How To Do Udgeeth Pranayam–

1.इस प्राणायाम को करने से दिमाग शांत रहता है और स्थिर रहता है|

2.यह टेंशन, गुस्से और चिंता को दूर करता है|

3.हाइपरटेंशन के समय प्रभावशाली साबित होता है|

4.नींद और स्वप्न दोष से संबंधित सभी समस्याओ को दूर करता है|

5.हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है और इसमें सुधार करता है|

6.नर्वस (Nervous) सिस्टम से संबंधित सभी समस्याओ को दूर करता है|

7.एसिडिटी को दूर करता है|

8.स्मरण शक्ति को बढाता है|

सावधानियाँ / Precautions –

1.किसी विशेषज्ञ की सलाह पर ही इसका अभ्यास करे|

2.इस प्राणायाम में श्वास लेने और छोड़ने का समय ज्यादा होना बहोत जरुरी है|

3.इस प्राणायाम को खाली पेट ही करे|

4.योग अभ्यास और आपके खाने के बीच का अंतराल कम से कम 5 घंटो का होना चाहिये|

5.सुबह-सुबह ताज़ी हवाँ में इसका अभ्यास करना चाहिये|

कोई भी उद्घीत प्राणायाम का अभ्यास कर सकता हैı बच्चे से लेकर बूढ़े तक कोई भी इसे कर सकता है. आप अपनी चिंता को कम करने के लिये कभी भी, कही भी इस प्राणायाम / Pranayam को कर सकते हो.

और भी प्राणायाम के बारेमें जानकारी जरुर पढ़े –

  1. अनुलोम विलोम प्राणायाम
  2. कपालभाती प्राणायाम
  3. उज्जायी प्राणायाम
  4. भस्त्रिका प्राणायाम
  5. बाह्य प्राणायाम

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Please Note :- उद्घीत प्राणायाम / Udgeeth Pranayam बनाने के लिए दी गयी जानकारी को हमने हमारे हिसाब से बताया है.

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