भ्रामरी प्राणायाम | Bhramari Pranayama

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बाबा रामदेव योगा / Baba Ramdev Yoga में अलग-अलग योग अवस्थाएं और योग से होने वाले लाभों की बात की जाये तो यह अनगिनत है जो अच्छी सेहत और शरीर को तंदरुस्त करने के लिए सहायक होती है। भ्रामरी प्राणायाम / Bhramari Pranayama से मधुमक्खी के गुनगुनाने जैसी आवाज़ निकलती है. भ्रामरी संस्कृत शब्द ‘भ्रमर’ से आया है जिसका अर्थ भारतीय काली मधुमक्खी से है.

भ्रामरी प्राणायाम / Bhramari Pranayama In Hindi
Bhramari Pranayama

भ्रामरी प्राणायाम / Bhramari Pranayama से दिमाग पर आरामदेह परीणाम होता है और दिमाग शांत भी रहता है.

भ्रामरी प्राणायाम / Bhramari Pranayam करते समय साँस छोड़ते समय मधुमक्खी के गुनगुनाने जैसी आवाज़ आती है. इस प्राणायाम में उंगलियो का उपयोग करके आँखे और कान बंद करने पड़ते है.

ऐसा करने से आपके अंदर से जो आवाज निकलती है वह आपकी आतंरिक चेतना को आन्तरिकता देती है. भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास नाद योगा की प्रस्तावना होती है और इसे आतंरिक आवाज़ की तपस्या का विज्ञान भी कहा जा सकता है.

भ्रामरी प्राणायाम कैसे करते है ? / How To Do Bhramari Pranayama –

1. योग करने की आरामदायक मुद्रा में बैठ जाये. बैठते हुए आप पद्मासन, सिद्धासन, अर्ध पद्मासन, स्वस्तिकासन और सुखासन भी कर सकते है. अपनी पीठ को सीधा रखे. इस प्राणायाम को सोते हुए करने की कोशिश न करे.

2. सामान्य तरह से साँस लेते रहे और शरीर को आरामदायक अवस्था में ही रखे.

3. अपने मुह को बंद रखे और ऊपरी और निचले दाँतो के बीच थोडा अंतर रखे.

4. तर्जनी ऊँगली से अपने दोनों कानो को ढक दे और आँखे भी बंद कर ले. कानो को बंद करने के लिये आप अंगूठो का भी उपयोग कर सकते हो. लेकिन ऐसा करते समय आपकी आँखे पूरी तरह से बंद होनी चाहिये. इसके लिये आप अपनी बीच की उंगलियो की सहायता भी ले सकते हो.

5. हल्की लंबी साँस ले और फेफड़ो में साँस भरने दे.

6. बाद में धीरे से साँस छोड़े, अपने गले से लगातार मधुमक्खी के गुनगुनाने जैसी आवाज निकालते रहे. बाद में यही आवाज़ आपके दिमाग में गूंजने लगेगी.

7. दिमाग में गूंज रही उस आवाज़ को महसुस करने की कोशिश करे. अपनेआप को उस आवाज़ में तल्लीन रखे. महसुस करे की वह आवाज़ कहा से आ रही है और कहा जा रही है. ध्यान देने पर आप पाओगे की गले से निकलने वाली आवाज़ मधुमक्खी के गुनगुनाने जैसी आवाज़ ही है.

8. इस प्राणायाम / Pranayam का यह आपका पहला राउंड (चक्र) है.

9. पहले-पहले 5 राउंड से शुरू करे फिर अपनी योग्यता नुसार से बढ़ा भी सकते है.

भ्रामरी प्राणायाम के फायदे / Bhramari Pranayama Benefits In Hindi –

1. भ्रामरी प्राणायाम नसों को शांत रखता है और टेंशन और चिंता को दूर करता है.

2. यह गुस्से और निराशा को भी दूर और कम करता है.

3. इस प्राणायाम से आप सुरीली आवाज़ भी पा सकते हो. इस प्राणायाम को करने से गले से सम्बंधित बीमारियाँ भी दूर होती है.

4. भ्रामरी प्राणायाम / Bhramari Pranayama करने से ब्लड प्रेशर भी कम होता है.

5. नाद योगा / Yoga करने के लिये भ्रामरी प्राणायाम एक अच्छी शुरुवात हो सकती है. क्योकि नाद योगा में आपकी चेतना का आतंरिक आवाज़ के साथ सम्बन्ध स्थापित होना बहोत जरुरी है.

और भी प्राणायाम के बारेमें जानकारी जरुर पढ़े –

  1. अनुलोम विलोम प्राणायाम
  2. कपालभाती प्राणायाम
  3. उज्जायी प्राणायाम
  4. भस्त्रिका प्राणायाम
  5. बाह्य प्राणायाम
  6. Surya Namaskar

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Please Note :- भ्रामरी प्राणायाम / Bhramari Pranayama बनाने के लिए दी गयी जानकारी को हमने हमारे हिसाब से बताया है.

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