शहद के फायदे | Shahad Ke Fayde In Hindi

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शहद / Honey धरती पर पाई जाने वाली सबसे पुरानी और मीठी चीजो में से एक है. स्वास्थ के लिये शहद काफी फायदेमंद है. आजकल सभी लोग रसोईघर में शहद / Shahad का उपयोग करते है. आज हम शहद के फ़ायदे / Shahad Ke Fayde जानेंगे.

शहद के फायदे / Shahad Ke Fayde In Hindi
Shahad Ke Fayde

1. शहद दिल और कैंसर जैसी बिमारिओ से बचाता है.
शहद में एंटीऑक्सीडेंट और फ्लोनोविड होता है जो शरीर को कैंसर और दिल की बिमारिओ से बचाता है.

2. शहद अलसर और आतडियो की बिमारिओ से भी बचाता है.
हाल ही की रिसर्च से पता चला है की शहद से अलसर और आतडियो के बैक्टीरिया दूर होते है.

3. एथलेटिक परफॉरमेंस बढाता है –
पहले के एथलेटिक अंजीर और शहद खाते थे ताकि उनकी परफॉरमेंस अच्छी हो.

4. कफ और गले की तकलीफ –
अन्न से बना हुआ शहद कफ को जल्दी से जल्दी ख़त्म करता है. 110 बच्चो पर प्रशिक्षण करने के बाद पता चला है की अन्न से बना हुआ शहद देक्स्त्रोमथेरोन जैसे कफ को भी एक डोस में ख़त्म करता है.

5. ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है –
शहद में सिंपल शुगर मौजूद होती है पर यह सफ़ेद शुगर और आर्टिफीशियल शुगर के जैसी नही होती. इसमें फ्रुक्टोस और ग्लूकोस जुड़ते है और खून में की शुगर लेवल को संतुलित बनाये रखती है.
शहद का उपयोग हर्बल पदार्थो को बनाने में भी किया जाता है. शहद में कई औषधिय तत्व भी मौजूद होते है जिस का उपयोग औषधियाँ बनाने में किया जाता है.

6. जख्म और जले को ठीक करता है –
जख्म और जली हुई जगह पर शहद लगाने से घाव जल्दी भरते है. और शहद एक एंटीबैक्टीरियल भी है.

7. प्रोबायोटिक:-
कई प्रकार के शहद में हानिकारक बैक्टीरिया ज्यादा मात्रा में मौजूद होते है. इसमें 6 प्रकार के लॉक्टोबेसिली और 4 प्रकार के बिफिदोबैक्टीरिया मौजूद होते है.

शहद खून के लिए भी फायदेमंद और अच्छा होता है / Benefits Of Honey –

शहद का जितना आप सेवन करोगे उतना ही ज्यादा यह आपके शरीर पर प्रभाव डालता है. अगर शहद को गुनगुने पानी के साथ पिया जाये तो यह RBCs पर प्रभावशाली असर डालता है. RBCs खून के जरिये पुरे शरीर के कई हिस्सों में ऑक्सीजन पहुचाता है. शहद को गुनगुने पानी के साथ पिया जाये तो यह खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढाता है जो एनीमिया जैसी बिमारिओ से बचाता है. आयरन डेफिशियेंसी एनीमिया एक ऐसी बीमारी है जो आयरन की खाने में कमतरता होने के कारण और जब खून के जरिये ऑक्सीजन पुरे शारीर में पहुच नही पाता तब यह बीमारी होती है. शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने पर थकवा, डिप्रेशन, और कई अन्य बिमारियाँ हो सकती है. शहद के सेवन से खून में ऑक्सीजन की मात्रा बढती है.
खून में ऑक्सीजन की मात्रा बनी रहना बहुत जरुरी है क्योकि इस से आप स्वस्थ और तंदरुस्त रहते हो. एक रिसर्च के बाद पता चला है की शहद से हाइपरटेंशन और हाइब्लडप्रेशर जैसी बिमारियाँ भी ठीक होती है. शहद लोब्लडप्रेशर और हाइपोटेंशन को भी कम करता है.

शक्कर की तुलना में शहद ज्यादा सुरक्षित है –

कहा जाता है की व्हाइट शुगर शरीर के लिये हानिकारक होती है. शक्कर की जगह शहद का उपयोग करना फायदेमंद होता है. शहद में भी सिंपल शुगर होती है जो की व्हाइट शुगर से काफी अलग होती है क्योकि इसमें 30% ग्लूकोस होता है, 40% फ्रुक्टोसे होता है और 20% कॉम्पलेक्स शुगर मौजूद होती है. शहद में डेक्सट्रिन और स्टारची फाइबर होता है. इन्ही की वजह से खून में शुगर लेवल संतुलित रहती है.

योगा करने वालो के लिए शहद अच्छा होता है –

योगा करने वाले लोग यदि शहद का सेवन करे तो उनके खून के कैमिकल की मात्रा संतुलित बनी रहती है. रोजाना शहद का सेवन करने से शरीर स्वस्थ रहता हैं. सुबह योगा करने से पहले कुनकुने पानी के साथ शहद का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है.

शहद एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक है –

शहद शरीर में एंटीऑक्सीडेंट को बढाता है और एंटीबॉडीज को उत्तेजित करता है. शहद / Honey जख्मो को भी जल्दी भरता है. शहद जख्मो के बैक्टीरिया को भी मारता है. एक प्रशिक्षण में जब अलसर के मरीजो का पैर ठीक नही हो रहा था तब शहद से उस बीमारी को दूर किया गया.

जिन मरीजो को अस्थमा है उन्हें तो शहद का रोज सेवन करना ही चाहिये.

क्लिनिकल रिसर्च से पता चला है की शहद पेट में के जन्तुओ को भी मारता है. शहद / Honey ऐसे बैक्टीरिया को भी मारता है जिन्हें एंटीबायोटिक भी नही मार सकती. रिसर्च से पता चला है की शहद मेथीसिलिन पर प्रभावशाली है. शहद इन्फेक्शन से लढता है और उन्हें बढ़ने से भी रोकता है. एंटीबायोटिक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है.

शहद एक उर्जा का स्तोत्र –

शहद का उपयोग प्राचीन समय से औषधियाँ बनाने के लिये किया जाता है. शहद में कई प्रकार के शुगर मॉलिक्यूल रहते है जैसे की ग्लूकोस और फ्रुक्टोस. फ्रुक्टोस और ग्लूकोस आपस में मिलकर सुक्रोस बनाते है जो पाचनक्रिया में सहायक होता है और शहद में यह दोनों अलग-अलग होते है. इसी तरह से ग्लूकोस एक उर्जा का स्तोत्र है.

शहद का रोज सेवन करना चाहिये क्योंकि इसमें विटामिन्स और मिनरल्स कम मात्रा में होते है. इसमें नैसिन, रैबोफ्लाविन, पन्थोथेनिक एसिड, कैल्शियम, कॉपर, आयरन, मैग्नीशियम, मैगनिस, फोसफोरस, पोटैशियम और जिंक मौजूद होते है.

शहद पाचन क्रिया में मदद करता है –

शहद कांस्टिपेशन, गैस जैसी बिमारिओ को ठीक करता है. शहद में भर पुर मात्रा में अ हानिकारक बैक्टीरिया होते है जैसे बिफिड़ो बैक्टीरिया और लाक्टोबेसिली जो पाचनक्रिया में मदद करते है. शहद इम्यून सिस्टम को और एलर्जी को कम करता है. शक्कर की जगह शहद का उपयोग करने से शरीर में टॉक्सिक कम होते है.

कुछ बातो को ध्यान में रखे –

जो शहद ज्यादा घने रंग के होते है उनमे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट होते है. शहद ख़राब नही होता है और ज्यादा समय तक इसे रखा जा सकता है. आर्कियोलॉजिस्ट ने ये भी पाया है की इजिप्त के थेबेस शहर की कब्रों में शहद की बर्निया पाई गयी. पर आज तक यह नही पता लगा की आर्कियोलॉजिस्ट ने उस शहद का क्या किया.

शहद 12 महीने से कम आयु के बच्चो को नही देना चाहिये क्योकि शहद में बैक्टीरिया होता है और बैक्टीरिया बच्चो को हानी पहुचाता है और यह बैक्टीरिया धुल मिटटी में पाया जाता है और बच्चो में उतनी क्षमता नही होती की वो इस बैक्टीरिया से लड़ सके.

आयुर्वेद और सिद्धात में शहद का उपयोग / Benefits Of Honey In Hindi

भारत ने आज तक जीतन शहद के उपयोग बताये है उतने उपयोग किसी और देश ने नही बताये है. शहद प्रकृति की देन है जो मनुष्य के लिये बनाई गई है. शहद 12 महीने के ऊपर के इंसान के किसी भी खाने का हिस्सा बन सकता है. मनुष्य शहद को आसानी से पचा सकता है. आयुर्वेद और सिद्धात में शहद औषधी पचाने में सहायता करता है. जब शहद औषधी के साथ घुलता है तब वह शरीर उसे जल्दी से सोख लेता है. ऐसा बोला जाता है की शहद औषधी की शक्ति और उसका प्रभाव लम्बे समय तक रहता है.

सिद्धा में बताया गया है शहद / Honey बहुत सी बीमारियों को ठीक करता जैसे उष्णा, उल्टियाँ, गैस और अन्य बिमारिओ को. सिद्धा ने 7 प्रकार के शहद बताये है, जो पहाड़ो में पाया जाता है उसे पहाड़ी शहद बोलते है और इस शहद में कई औषधी तत्व होते है.

पारम्परिक तरीको से शहद के उपयोग / Honey Benefits In Hindi –

शहद / Honey का पानी –

1-3 चम्मच हल्के गरम पानी के साथ सेवन करने से जल्दी से उर्जा मिलती है और वजन संतुलित को बनाये रखती है.

प्रासंगिक इस्तेमाल –

शहद जख्मो को जल्दी से भरता है. शहद के लेप की घिसाई करने से जख्म जल्दी भरते है और धब्बे कम होते है.

शहद और निम्बू के फायदे –

दिन में दो बार 20 मिनट तक अपने चेहरे पर शहद और निम्बू को बराबर मात्रा में मिला कर लगाये, इससे आपके चेहरे के काले धब्बे निकल जायेंगे.

अदरक और शहद का पानी –

1. बिट अदरक को कूटकर उसमे का पूरा रस निकाले. फिर उस रस को 15 मिनट के लिये एक गिलास में रखिये.
फिर उस रस को छान ले और फिर उसे 5 या 6 दिनों के लिये फ्रीज में रख दीजिये.
फिर इसमें 2 चम्मच अदरक का रस डाले और 2 चम्मच शहद मिलाये, फिर रोज सुबह खाली पेट इसका सेवन करे. आपके खून को साफ करने में यह सहायक होता है. कम से कम 4 दिनों तक इसका सेवन करे.

2. पहले अदरक को छिलले,
फिर अदरक को छोटे छोटे टुकडो में काट ले. और चौड़े मुँह वाली बोतल में इसे शहद के साथ डाल दे.
फिर इस बोतल के मुह को सफ़ेद कॉटन के कपडे से ढक के धुप में 12 दिनों तक रख दे.
इसके बाद रोजाना सुबह-शाम इसमें से अदरक के 2-4 टुकडो का सेवन करे.

3. 4 चम्मच अदरक का रस और 4 चम्मच शहद और 2 निम्बू का रस, इन सबको 3-4 कप पानी में मिला ले. इसके सेवन से सर्दी से राहत मिलती है.

दिल की रक्षा –

अदरक के रस में 1 चमच शहद मिलाये.

इसका रोज सुबह खाली पेट सेवन करे.

सर्दी के लिये शहद के उपयोग –

यदि आपको सर्दी है या सुबह नाक बंद होती हो तो निम्, मिर्ची, शहद, हल्दी का सेवन करे.

निचे दिये गये कई उपचार –

1. सबसे पहले 10-12 काली मिर्च को कूट ले और इसे 2 चम्मच शहद के साथ मिलाये और इसे रात भर छोड़ दीजिये. फिर इसका रोज सुबह सेवन करे और इसे निगल ने से पहले अच्छी तरह से चबा लीजिये. आप इसमें हल्दी भी मिला सकते है.

2. निम् के पत्तो को पहले पिस ले और उसका पेस्ट बनाले और पेस्ट के छोटे छोटे गोले बना ले. फिर इन गोलों को शहद में डुबा दे और रोज सुबह खाली पेट इसका सेवन करे और इसके सेवन के बाद 60 मिनट तक कुछ न खाये. इससे आपको एलर्जी नही होंगी जैसे त्वचा की एलर्जी. निम् में कई तरह के औषधी गुण होते है. निम् के पत्तो का रोजाना सेवन करने से कई बिमारिया दूर होती है.

तरबूज और अदरक ठंडक देते है –

निचे दि गयी रेसिपी शहद और तरबूज से बनी है जिसका उपयोग आप गर्मियो में कर सकते हो.

सामग्री:-

1) 1 चौथाई तरबूज
2) 1 अदरक का टुकड़ा
3) 1 चौथाई मिन्ट की पत्ति
4) नमक स्वादानुसार
5) कालि मिर्च स्वादानुसार
6) 3 चम्मच शहद

विधि –

सबसे पहले तरबूज का छिलका निकले. फिर तरबूज को मिक्सर के पॉट में डाले.
अदरक का छिलका निकाल कर उसे भी मिक्सर के पॉट में डाल दे.
फिर नमक, मिन्ट की पत्ती और शहद भी मिक्सर के पॉट में डाल दे फिर इन सब को पिस ले. फिर छान कर परोसे.

शहद और मधुमाखी के बारे मे कुछ रोचक बातें –

1. मधुमक्खी की करीब 25000 प्रजातीया है. इसमेसे कुछ की ही पहचान की जा सकती है.

2. बाजार में बिकने वाला करीब 80% शहद पालतू मधुमक्खियो द्वारा निकाला जाता है.

3. सबसे पहले शहद 6000 ई सी में जमा किया गया था.

4. 500 ग्राम शहद बनाने के लिये मधुमक्खी को धरती का करीब 1.5 चक्कर लगाना पड़ता है.

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  1. निम्बू के फ़ायदे और उपयोग
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  3. Benefits Of Olive Oil
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  6. Gharelu Nuskhe For Weight Loss
  7. Advantage and Disadvantages of Milk

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