अनुलोम विलोम प्राणायाम | Anulom Vilom Pranayam

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बाबा रामदेव योगा / Baba Ramdev Yoga में अलग-अलग योग अवस्थाएं और विधि होती है जो अच्छी सेहत और शरीर को तंदरुस्त करने के लिए सहायक होती है। अनुलोम विलोम / Anulom Vilom प्राणायाम को “अल्टरनेट ब्रेथिंग टेकनीक” (Alternate Breathing Technique) भी कहा जाता है यह प्राणायाम तनाव और चिन्ता को कम करता है. रोजाना इस प्राणायाम / Pranayam को करने से बहुत सी बीमारियाँ ठीक होती है जैसे की दिल की बीमारियाँ, डिप्रेशन(Depression), अस्थमा / Asthma, हाई ब्लड प्रेशर / High Blood Pressure और अर्थिरीतिस (Arthritis). यह प्राणायाम करने से माइग्रेन(Migraine) का दर्द, साइनस(Sinus) और न्यूरल(Neural) की समस्या कम करता है.

अनुलोम विलोम प्राणायाम / Anulom Vilom Pranayam
Anulom Vilom Pranayam

इस प्राणायाम से दिमाग शांत और चुस्त रहता है और यह शरीर को मेडिटेशन (meditation) के लिए तैयार करता है. दिन ब दिन लोग यह प्राणायाम करने के लिए खुद ब खुद आगे आ रहे है.

अनुलोम विलोम प्राणायाम / Anulom Vilom Pranayam In Hindi कैसे करे –

जमींन पर आसन बिछा कर उस पर बैठे और पदमासन आसन के जैसे पैरो को मोड़ कर बैठ जाइये. पर आप आपके घुटनों को मोड़ नही सकेंगे परंतु जितना हो सके उतना मोड़ कर बैठ जाये.

जिन्हें अर्थिरीतिस (Arthritis) है वे लकड़ी की चेयर पर सीधी पीठ कर के बैठ सकते है. आपका एक अंगूठा नाक के बाजु रखे और अंगूठे के बगल वाली ऊँगली को मोड़ ले और बची दो उंगलियों को सीधी ही रखे ताकि वे दुसरे तरफ की नाक बंद करने में काम आये.

अपने उसी हाथ की कोहनी को ज्यादा ऊपर ना उठाए क्योकि इससे आपके हाथ में कुछ समय बाद दर्द देना शुरू कर देंगा. अपने हाथ को हल्का ही रखे. अब पहली नासिका से लम्बी सांस ले और दूसरी नासिका को अपनी उंगलियों से बंद कर के रखे. अब पहली नासिका को बंद करे और दूसरी नासिका से सांस छोड़े. यह पहली साइकिल हुई.

अब दूसरी साइकिल के लिए दूसरी नासिका से सांस ले और पहली नासिका को बंद कर के रखिये और अब पहली नासिका से सांस छोड़े. अब इस प्राणायाम को 3 मिनट तक करे और प्राणायम के समय को धीरे-धीरे बढा कर 15 से 20 मिनट तक ले जाये.

जो बाँई तरफ की नासिका होती है वो चन्द्र की उर्जा दर्शाती है. जो शान्ति का प्रतिक है. और उसमे ठंडक का प्रभाव है. अगर आपको अपने शरीर की अलग-अलग नाडीया साफ करनी हो तो आप जरुर अनुलोम विलोम प्राणायाम करे जिसमे बाँई तरफ की नासिका से सांस ले और दाँई तरफ की नासिका से सांस छोड़े. यह पहली साइकिल हुई और दूसरी साइकिल के लिए दाँई तरफ की नासिका से सांस ले और बाँई से छोड़े यह दूसरी साइकिल हुई.
शुरआत में साइकिल को स्थिर गति से दोहराए फिर धीरे-धीरे प्राणायाम ज्यादा समय तक करे. ज्यादा गति से इस प्राणायाम को ना करे. एक बार आप ने ज्यादा समय तक इस प्राणायाम को करना सिख लिया तो फिर ज्यादा से ज्यादा हवा धीरे धीरे अंदर लीजिये और धीरे-धीरे सांस बाहर छोडिये. जब आप इस प्राणायाम / Pranayam को दोहरा रहे हो तो अपने दिमाग में “ॐ” का स्वर लेते रहे. इससे आपका मन शांत रहेगा और आप इस प्राणायाम / Pranayam का ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सकेंगे.

शवासन की गति-

इस प्राणायाम / Pranayam का को करते समय आवाज नही निकलनी चाहिए. सांस लेना और सांस छोड़ने की गति नाहीं एकदम ज्यादा होनी चाहिए नाहीं एकदम कम. वह गति एसी होनी चाहिए की अगर आपके बाजु में कपास का टुकड़ा भी हो तो वह उड़ना नही चाहिए. एक बात ध्यान रखिये की सांस छोड़ने का समय सांस लेने से दुगुना होना चाहिए.

अभ्यास करना-

अपनी आँखों को प्राणायाम / Pranayam करते समय बंद रखे. कल्पना करिये की आपकी शुश्माना नाडी जाग उठी है, इडा और पिंगला नाडी के घर्षण से, और उर्जा मूलधार चक्र से सहस्रार चक्र तक जा रही है. यकिन कीजिये की आपका शरीर साफ और स्वस्थ हो रहा है.

अनुलोम विलोम प्राणायाम के फायदे / Anulom Vilom Pranayam Benefits –

सिर्फ योग सिखाने वालो को ही इस प्राणायाम / Pranayam के फायदे मालूम नही है. बल्कि वैज्ञानिको ने भी रिसर्च(Research) से पाया है की इस प्राणायाम से दिमाग की नसे खुलती है. दाँई तरफ का दिमाग रचनात्मक क्रियाओ को काबू में रखता है और बाँई तरफ का दिमाग लॉजिकल क्रियाओ को काबू में रखता है.

रिसर्च ने यह बताया है की जब बाँई तरफ की नासिका बंद होती है तो दाँई तरफ का दिमाग उत्तेजित होता है और जब दाँई तरफ की नासिका बंद होती है तो बाँई तरफ का दिमाग उत्तेजित होता है.

रोजाना अनुलोम विलोम प्राणायाम / Anulom Vilom Pranayam करने से शरीर की नाडिया शुद्ध होती है और शरीर स्वस्थ, कांतिमय और शक्तिशाली बनता है.

● इस प्राणायाम से वात सम्बंधित सारी बीमारियाँ ठीक होती है. जैसे की जोड़ो में दर्द, गाऊट(Gout), सर्दी और प्रजनन के अंगो से संबंधित बीमारियों को भी ठीक करता है.

● रोजाना अनुलोम विलोम प्रणायाम करने से वात, पित्त और कफ के विकार भी दूर होते है.

● रोज अनुलोम विलोम करने से ब्लड प्रेशर(Blood Pressure) और डायबिटीज(Diabetes) दोनों ही बीमारियाँ पूरी तरीके से ख़त्म हो जाती है.

● मासपेशियों सम्बंधित बीमारियों को भी ठीक करत है, यह अर्थिरीतिस (Arthritis) के लिए भी लाभदायक है और एसिडिटी को भी ठीक करता है.

● अगर आप पॉजिटिव (Positive) सोचेंगे तो आप टेंशन, घुटन, चिडचिडा पन, ग़ुस्से, चिन्ता, हाई ब्लड प्रेशर(High Blood Pressure),
और ज्यादा नींद को भी काबू कर सकेंगे.

● अनुलोम विलोम प्राणायाम से आप शांत रहेंगे, आप में धीरता बढेंगी और आप सही निर्णय ले सकेंगे.

● अनुलोम विलोम प्राणायाम से आपके शरीर में ऑक्सीजन(Oxygen) की मात्रा बढेंगी जिससे आपका शरीर शांत रहेंगा.

● आपको बुखार, स्ट्रेस(Stress), आखों और कान की परेशानियो से भी दूर रखेंगा.

● रक्त संचालन को भी नियंत्रित रखता है.

● माइग्रेन(Migraine), हार्ट(Heart) के ब्लॉकेज(Blockage) और साइनस(Sinus) जैसी बीमारियों को भी ठीक करता है.

● नेगेटिव(Negative) विचारो को पॉजिटिव (Positive) विचारो में बदलता है.

● मोटापे / Motapa को भी नियंत्रित रखता है.

● चयापचय को सुव्यवस्थित रखता है.

● एसिडिटी(Acidity), गैस(Gas), कोन्स्टिपेशन(Constipation), एलर्जी, अस्थमा और डायबिटीज(Diabetes) जैसी बीमारियों को ठीक करता है.

आप प्राणायाम से ही दिन की शुरुवात करें. सुबह-सुबह प्राणायाम करने का सही समय है. हमेशा प्रणायाम खुली जगह पर ही करे, ताकि आपको शुद्ध हवा मिले. इस प्राणायाम सुबह को हमेशा खाली पेट ही करे.

टिप्स-

इस प्राणायम को हमेशा पूर्व और उत्तर दिशा में ही, आसन पर बैठ कर करे. इस बात का ध्यान रखे की आपकी गर्दन, सीर, और छाती सीधी रेखा में रहे और पीठ भी सीधी रखे. स्नान और भोजन के एक घंटे तक प्राणायाम ना करे.

और भी प्राणायाम के बारेमें जानकारी जरुर पढ़े –

  1. कपालभाती प्राणायाम
  2. भस्त्रिका प्राणायाम
  3. उज्जायी प्राणायाम
  4. भ्रामरी प्राणायाम
  5. बाह्य प्राणायाम
  6. Surya Namaskar

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Please Note :- अनुलोम विलोम / Anulom Vilom बनाने के लिए दी गयी जानकारी को हमने हमारे हिसाब से बताया है.

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2 COMMENTS

  1. Aaye din hamari bhagdaud vali jindgi me ham apni sehat par dhan nahi de pate. Lekin achche swasth ke liye thodi bahut excersise, Yoga, pranayam karana bahut jarur hain. Aapne yaha anulom vilom pranayam ke bare me achchi janakari di

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